एक अनुत्तरित प्रश्न

क्या तुम वही हो, जो हर वक़्त दीखते हो? क्या तब भी  जबकि हवा का बहाव बहुत तेज होता है? और तब भी,  जबकि तुम्हें रोका जाता है, धारा के विपरीत तैरने से। मंझधार में फंसे होकर भी, जब तुम निर्णय लेने की अक्लमंदी दिखाते हो; क्या तब भी तुम वही होते हो, जो होने …

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घटनाक्रम

पत्ते यूँ ही नहीं गिरते, पानी यूँ ही नहीं बहता, यूँ ही ऋतुएँ भी नहीं बदलती, सब कुछ इसलिये भी नहीं घटता कि यही नीति है। कुछ घटनायें घटती है संयोग से, संयोग भी यूँ ही नहीं बनता। कुछ भी नहीं होता सिर्फ होने के लिए हम वजह ढूंढ लेते है अक्सर उन तमाम घटित …

मजबूरी

दिलसार मियां अपनी मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान में कुछ परेशान से बैठे थे, बढ़ती प्रतिद्वंद्विता ने उनकी आमदनी कम कर दी थी। उधर अब्बाजान की डायबिटीज की बिमारी, उनका ईलाज, घर का खर्च दिलसार मियां पर भारी पड़ रहे थे।  तभी उनकी टेबल पर आवाज हुई, सामने पड़ोस के चौहान बाबू खड़े थे। “मियां, जरा …

स्कूटर

"मैं कुछ नहीं जानता, मुझे बस मोटरसाइकिल चाहिए, मेरे कॉलेज के सभी दोस्तों के पास मोटरसाइकिल है।" रमेश तमतमाता हुआ घर से निकल गया। "अब इतने पैसों का इंतजाम कहाँ से करेंगे आप, आपकों कम से कम उसे समझाना तो था।" "नहीं शुशीला, अब थोड़ी सख्ती उसे हमसे दुर ले जायेगी, और मैं नहीं चाहता …

Fear vs Curiosity…

It was not completely dark night, Despite four fingers of four members sitting around a board there were four candles, a little hope, a hope of experiencing some supernatural power. It was an "Ouija board experiment". most of people already know but for the rest one:- The ouija board is a spirit board marked with …

क़िस्मत

अभी कुछ ही देर पहले ये हुआ, और पता नहीं कैसे और क्यों मैं इसे लिखने पे मजबूर हो गया। ... घर जाते वक़्त केले लेने की मेरी ये रोज की आदत है, और हर दिन की तरह आज भी मैं उनसे 50 रुपये में 24 केलों की मांग कर रहा था, जाहिर था कि …